Friday, February 17, 2012

Rajneta Dhayan de

आप को बस एअताना करना है की जैसे कंपनी के लोग हिसाब रखते है आप को भी देस का हिसाब रखना है देस सुधर जायेगा देश का हित इसमें  है की आप हर जगह हिसाब रक्खे पहले आप  बजट में १ रूपया कहाँ खर्च होगा देखने को मिलता था आब नहीं क्योकि आप जागरूक न हो यह नेताओ की पोल है
भ्रस्टाचार में सभी सामिल है
ख़तम नहीं हो गा
देश की न्याय शिग्र मिले एअस्का कारगर कानून बने

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