Thursday, April 1, 2010

आप जाने चम्बल को

आज कल बाह को अच्छा कहते है क्योकि यहाँ के लोग बहुत प्यार करते है सेक्स नहीं है आप की बहू बेटिया हमारी बहू बेटिया है आप खुले में जहा चाहो जा सकते हो हमारे यहं कहावत है की
चम्बलकी यह बानगी बात करे दो टूक ,एक हाथ मूछ है दुशरे हाथ बंदूक
आप जरूर याये मेरा प्यार
शंकर सिंह कुशवाहा आगरा में रहते है आपकी मदत करने को तयार है


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