आज कल हम नेहा के साथ रह रहे है उसको किसी बात पर अकेला न लगे इस कारन उसे सदा पास में रक्ख रहे है औरतो को बड़ा काम होता है उसे एअक तो घर सभालना परता है दूसरा बहर भी इस प्रकार वह महान है हमें दर्द होता है जब लोग नीच पना की बात करतें है मस्त रहो,व्यस्त रहो,पर अस्तव्यस्त मत रहो,
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