Wednesday, February 29, 2012

आज कल के लड़के अपनी बात पर ही रहते है चाहे बह गलत ही क्यों न हो माँ बाप की तमन्ना होती है की  बच्चे हमारे सामने कमा,खा ले उन्हें उनकी खुसी में अपनी खुशी देखते है पर बच्चे केवल अपनी ही खुशी देखते है
मेरा यह मानना है की स्वालंबी बनो, स्वाभिमानी बनो अपने नजरिया को बदलो ब्यस्त रहो मस्त रहो पर अस्त ब्यस्त मत रहो 

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