आज कल के लड़के अपनी बात पर ही रहते है चाहे बह गलत ही क्यों न हो माँ बाप की तमन्ना होती है की बच्चे हमारे सामने कमा,खा ले उन्हें उनकी खुसी में अपनी खुशी देखते है पर बच्चे केवल अपनी ही खुशी देखते है
मेरा यह मानना है की स्वालंबी बनो, स्वाभिमानी बनो अपने नजरिया को बदलो ब्यस्त रहो मस्त रहो पर अस्त ब्यस्त मत रहो
मेरा यह मानना है की स्वालंबी बनो, स्वाभिमानी बनो अपने नजरिया को बदलो ब्यस्त रहो मस्त रहो पर अस्त ब्यस्त मत रहो
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