Wednesday, February 29, 2012

औरत क्यों मोताज है

आप को पैरो पर खड़ा  होना है तो छमता से अधिक  ,काम करो पढो लिखो संगठित रहो शंघर्ष करो मत सोचो कौन लोग तुम्हारी मदद कर रहे कौन लोग टांग खीच रहा है  सकारात्मक सोचो नकारात्मक मत सोचो सफलता तुम्हारे कदम चूमेंगी    
आज कल के लड़के अपनी बात पर ही रहते है चाहे बह गलत ही क्यों न हो माँ बाप की तमन्ना होती है की  बच्चे हमारे सामने कमा,खा ले उन्हें उनकी खुसी में अपनी खुशी देखते है पर बच्चे केवल अपनी ही खुशी देखते है
मेरा यह मानना है की स्वालंबी बनो, स्वाभिमानी बनो अपने नजरिया को बदलो ब्यस्त रहो मस्त रहो पर अस्त ब्यस्त मत रहो 

Monday, February 27, 2012

नेहा के साथ

 आज कल हम नेहा के साथ रह रहे है उसको किसी बात पर अकेला न लगे इस कारन उसे सदा पास में रक्ख रहे है औरतो को बड़ा काम होता है उसे एअक तो घर सभालना परता है दूसरा बहर भी इस  प्रकार वह महान है हमें दर्द होता है जब लोग नीच पना की बात करतें है मस्त रहो,व्यस्त रहो,पर अस्तव्यस्त मत रहो,

Friday, February 17, 2012

Rajneta Dhayan de

आप को बस एअताना करना है की जैसे कंपनी के लोग हिसाब रखते है आप को भी देस का हिसाब रखना है देस सुधर जायेगा देश का हित इसमें  है की आप हर जगह हिसाब रक्खे पहले आप  बजट में १ रूपया कहाँ खर्च होगा देखने को मिलता था आब नहीं क्योकि आप जागरूक न हो यह नेताओ की पोल है
भ्रस्टाचार में सभी सामिल है
ख़तम नहीं हो गा
देश की न्याय शिग्र मिले एअस्का कारगर कानून बने