Saturday, April 24, 2010
Thursday, April 15, 2010
लगाओ पौध बचेगी जिंदगी
chambal ki yah bangi bat kare do took aak hath moochh hai dushre hath me बन्दूक
आप जहा भी रहे एअक पढ़ जरूर लगाये नहीं तो जब ओक्सिजन ही नहीं होगी तो सब मारे जायोगे दो कुआl
पाढ़ जहा भी खली जगह देखो लगा दो पेढ़ रेट हो या मैदान जगह तुम्हारी है तौबा करना बुरे कामो से
आप जहा भी रहे एअक पढ़ जरूर लगाये नहीं तो जब ओक्सिजन ही नहीं होगी तो सब मारे जायोगे दो कुआl
पाढ़ जहा भी खली जगह देखो लगा दो पेढ़ रेट हो या मैदान जगह तुम्हारी है तौबा करना बुरे कामो से
Friday, April 2, 2010
Thursday, April 1, 2010
आप जाने चम्बल को
आज कल बाह को अच्छा कहते है क्योकि यहाँ के लोग बहुत प्यार करते है सेक्स नहीं है आप की बहू बेटिया हमारी बहू बेटिया है आप खुले में जहा चाहो जा सकते हो हमारे यहं कहावत है की
चम्बलकी यह बानगी बात करे दो टूक ,एक हाथ मूछ है दुशरे हाथ बंदूक
आप जरूर याये मेरा प्यार
शंकर सिंह कुशवाहा आगरा में रहते है आपकी मदत करने को तयार है
चम्बलकी यह बानगी बात करे दो टूक ,एक हाथ मूछ है दुशरे हाथ बंदूक
आप जरूर याये मेरा प्यार
शंकर सिंह कुशवाहा आगरा में रहते है आपकी मदत करने को तयार है
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