Thursday, April 15, 2010

लगाओ पौध बचेगी जिंदगी

chambal ki yah bangi bat kare do took aak hath moochh hai dushre hath me बन्दूक

आप जहा भी रहे एअक पढ़ जरूर लगाये नहीं तो जब ओक्सिजन ही नहीं होगी तो सब मारे जायोगे दो कुआl

पाढ़ जहा भी खली जगह देखो लगा दो पेढ़ रेट हो या मैदान जगह तुम्हारी है तौबा करना बुरे कामो से













Friday, April 2, 2010

Thursday, April 1, 2010

आप जाने चम्बल को

आज कल बाह को अच्छा कहते है क्योकि यहाँ के लोग बहुत प्यार करते है सेक्स नहीं है आप की बहू बेटिया हमारी बहू बेटिया है आप खुले में जहा चाहो जा सकते हो हमारे यहं कहावत है की
चम्बलकी यह बानगी बात करे दो टूक ,एक हाथ मूछ है दुशरे हाथ बंदूक
आप जरूर याये मेरा प्यार
शंकर सिंह कुशवाहा आगरा में रहते है आपकी मदत करने को तयार है